राजनीती के अजेय यौद्धा यशश्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का आज 69वाँ जन्मदिन बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है! 17 सितंबर ही के दिन सन् 1950 में उनका जन्म गुजरात के वडनगर में हुआ था। २०१९ के जनादेश से ये तो तय माना जा रहा हैं की मोदी तो मोदी हैं मोदी जैसा कोई नहीं! जोकि देश हो या विदेश सभी जगह प्रसिद्ध है मोदी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की शान, मान और आन हैं! तमाम कठिनईयो को झेलते हुए वो लगातार २०१९ में दूसरी बार प्रधानमंत्री बने! सवा सौ करोड़ के इस देश ने अपना भाग्य उस भाग्य विधाता के नाम कर दिया जिसे नरेंद्र मोदी कहते हैं। संघर्ष की गलियों में अपनी तकदीर की लकीरों को अपने हाथों से बनाने-बिगाड़ने वाला शख्स आज राजनीति की बुलंदियों पर खड़ा है। वो बता रहा है कि अगर हिम्मत हो और जूनून हो तो सारी कायनात आपकी मदद में जुट जाती है।
बचपन से ही मोदी देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत थे और वो भारतीय सेना में जाकर देश सेवा करना चाहते थे पर किसी को क्या पता था की ये बालक सवा सो करोंड भारतियों का भाग्य विधाता बनेगा! देशभक्ति और देशसेवा की लालसा के वसीभूत होकर इन्होने ने आरएसएस ज्वाइन की! वे बहुत मेहनती कार्यकर्ता थे। वे आरएसएस के बड़े शिविरों के आयोजन में मैनेजमेंट का हुनर दिखाते थे। आरएसएस नेताओं का ट्रेन और बस में रिजर्वेशन का जिम्मा उन्हीं के पास होता था। वह आरएसएस के नियमित सदस्य बन गए और उनके समर्पण और संगठन कौशल ने आरएसएस के लोगों को प्रभावित किया। 1972 में वह प्रचारक बन गए!
गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल के असफल स्वास्थ्य और ख़राब सार्वजनिक छवि के कारण नरेंद्र मोदी को 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया। स तरह मोदी की गुजरात के मुख्यमंत्र्री पद की पारी सुरु हुई लेकिन यहां भी पद संभालने के बाद गोधरा कांड जैसी चुनौतियां उनके सामने लगभग पांच महीने बाद ही आकर खड़ी हो गईं। अपने के उठते सवाल और विरोधियों के प्रहार को धता बताते हुए दिसंबर 2002 के विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज कर नरेंद्र मोदी ने साबित किया कि गुजरात की जनता का विश्वास और भरोसा उन पर कायम है। और उन्हें उनके काम के कारण गुजरात की जनता ने लगातार रिकॉर्ड ४ बार मुख्यमंत्री पद के लिए चुना !
उन्हें बीजेपी कार्यसमित द्वारा २०१४ लोकसभा चुनाव की कमान सौपी गयी अपनी मेहनत, आत्मविश्वास और सही समय पर सही निर्णय लेने की छमता की वजह से विपछी पार्टियों को बैकफुट पे खड़ा कर दिया और पूर्ण बहुमत के साथ अपनी सरकार बनाया! इस अदभुत जीत के विजेता बने मोदी गांधीनगर से दिल्ली चले आए और भारत के प्रधानमंत्री पद पे आसीन स्वतन्त्र भारत में जन्मे पहले पुरष बने!
2019 के नतीजों ने सिद्ध कर दिया कि जनता मोदी पर उठे हर सवालों को खारिज कर चुकी है और नए भारत के निमार्ण के लिए अपना समर्थन दे चुकी हैं उनके परिश्रम और देशभक्ति के भाव को भारतीय जनता ने पहचाना है और उनको सवा सौ करोंड़ भारतीयों का भाग्य विधाता बनाया है!