आज के इस आधुनिक समय में दुनिया ऐसे बड़े बदलावों से गुजर रही है, जो सदी में पहले नहीं देखे गए कोई भी देश किसी से कम नहीं है हर कोई निरंतर ताकतवर बनने की सोच रहा है। भारत के लिए सैन्य आधुनिकीकरण सर्वोच्च प्राथमिकता में है, क्योंकि विवादित समुद्री सीमा अंतरराष्ट्रीय माहौल को प्रभावित करने लगी है। आज के इस आधुनिक दौर में जो देश समुन्द्र पर राज करेगा वही दुनिया पर भी राज करेगा और इसीलिए विश्व के सभी महासागर पर दुनिया के देशो ने अपनी पैनी नजर हमेशा गढ़ा कर रखते हैं।
और इसी मैदान में अब भारत भी अपने मजबूत कदम रखने के लिए तैयार है। शनिवार को आईएनएस खंडेरी के बेड़े में शामिल होने के बाद नेवी की ताकत में कई गुना इजाफा हुआ है। अत्याधुनिक तकनीक और फीचरों से लैस आईएनएस खंडेरी कलावरी क्लास की दूसरी मारक पनडुब्बी है। इसे साइलेंट किलर पनडुब्बी भी कहते है क्योंकि ये न तो आवाज़ करती है और न ही दुश्मन का राडार इसे पकड़ सकती हैं आइए आपको इसकी उन खासियतों के बारे में बताते हैं जो इसे खतरनाक बनाती हैं।
- आईएनएस खंडेरी में 40 से 45 दिनों तक सफर करने की क्षमता है।इसमें 36 नौसैनिक रह सकते हैं।
- आईएनएस खंडेरी न तो आवाज करती है और न ही दुश्मन की रडार इसे पकड़ सकती हें। इससे जमीन पर भी आसानी से हमला किया जा सकता है।
- यह स्टेल्थ और एयर इंडिपेंडेंट प्रॉपल्शन जैसे कई तरह की तकनीकों और अत्याधुनिक फीचरों से लैस है जिससे इसका पता लगाना दुश्मनों के लिए आसान नहीं होगा।
- युद्ध की स्थिति में यह पनडुब्बी हर तरह की अड़चनों से सुरक्षित और बड़ी आसानी से दुश्मनों को चकमा देकर बाहर निकल सकती है।
- आईएनएस खंडेरी में तट पर रह कर करीब 300 किलोमीटर दूर स्थित दुश्मन के जहाज को नष्ट करने की क्षमता है।